
कालाढूंगी । लॉकडाउन के चलते हेयर कटिंग की दुकानें बंद हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए जारी लाॅकडाउन में 50 दिन निकल गए हैं। इतने दिन बाद अब नगर के लोगों को शेविंग और कटिंग जैसी सुविधा की जरूरत होने लगी है। ऐसे लोग जो शेविंग खुद नहीं करते हैं, उनमें से कई ने दाढ़ी बढ़ा ली है जबकि कुछ ने हेयर कटर को घर बुलाकर सावधानी बरतते हुए उनकी सेवाएं ली हैं पर ये सेहत के लिए घातक भी है। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो बाल लंबे होने पर खुद ही घर में ट्रिमर बाल काटने व शेविंग मशीन से बाल काटने को मजबूर हैं।
पूरे नगर की दुकानों के बंद होने के कारण लोग बाल कटवाने लिए परेशान हो रहे हैं। बाल कटवाने के लिए लोग सैलून नहीं जा सकते। ऐसे में अधिकांश लोगों को मजबूरी में शेविंग और बाल काटने का काम खुद ही अपने घर पर करना पड़ रहा है।
वहीं, लॉकडाउन में कुछ छूट मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों को बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह ही है। 70 और इससे अधिक उम्र में कई बुजुर्गों इम्यून सिस्टम कमजोर होता है।
ऐसे लोगों को वायरस जल्द पकड़ लेता है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि किसी अवश्य कार्य से यदि घर से निकलना पड़ता है तो फेस कवर का उपयोग अनिवार्य करें और उचित सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखें। हाथों को बार – बार साबुन से धोएं। अगर आप अस्वस्थ महसूस करते हैं तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या चिकित्सक से संपर्क कर सकते है।
जनता का सवाल आवश्यक दुकानों में सेलून नहीं है किया
लॉकडाउन के दौरान ऐसी दुकानें नहीं खुल रही है। प्रशासन द्वारा सोशल डिस्टेंस का हवाला देकर सेलून दुकानों को भी बंद करा गया है। बस स्टैंड, बाजार लाइन, जयस्तंभ चौक के पास जमुना चौक में सैलून की दुकान है। इसे रोज सुबह देखने के लिए नगर के लोग आते हैं लेकिन उन्हे बंद देखकर खाली ही लौटना पड़ता है हालांकि कई लोग खुद ही दाढ़ी बना लेते है लेकिन बाल कटवाने के लिए सेलून की जरूरत है। सेलून संचालकों को ही नही बल्कि आम लोगों को भी लॉकडाउन खुलने का इंतजार है कि कब दुकान खुले और हम दाढ़ी-बाल बनवाए। सरकार को इस चीज पर विशेष तौर से ध्यान देना चाहिए जिसके चलते लोगों को बहुत परेशानी का करना पड़ रहा है सामना।


















