रिपोर्टर, अतुल अग्रवाल
हल्द्वानी महामारी करोना वायरस संक्रमण को लेकर भारत सरकार के द्वारा 22 मार्च से लॉकडाउन और धारा 144 लागू कर दी गई थी शोशल डिस्टेंस को देखते हुए यह अपील की गई थी कि जो व्यक्ति जहां है वही रहे अपने घरों से बाहर ना निकले एक राज्य से दूसरे राज्य या एक शहर से दूसरे शहर जाने को लेकर प्रतिबंध लगा दिया गया था वहीं दूसरी ओर सभी परिवहन सुविधाएं प्रतिबंधित कर दी गई थी जिसके कारण हजारों लोग जहां थे
वहीं फंसे रहे आज लॉकडाउन खुलने के बाद लोग अपने घरों को जाने के लिए अनुमति पत्र लेने के लिए सुबह से ही लाइनों में लग जाते हैं एसडीएम कोर्ट के सामने लंबी-लंबी लाइने प्रतिदिन देखने को मिलती हैं किसी को इलाज के लिए बाहर जाना है तो किसी के लिए पढ़ाई के लिए बाहर जाना है किसी का कोई अपना दूसरे राज्य में फंसा है कोई अपने घर जाना चाहता है वह यहां फंसा है इसी बातों को लेकर आमजन अनुमति लेने पहुंच रहा है
एस डी एम कोर्ट लेकिन अत्यधिक भीड़ होने के कारण सभी को नहीं मिल पा रही अनुमति कई लोगों ने यह बताया कि लगातार चार-पांच दिन से आ रहे हैं लेकिन समय अधिक होने और जनता के अधिक होने से कारण नहीं मिल पा रही उनको अनुमति कैसे पहुंचेंगे अपने घर कैसे कराएंगे अपना इलाज कैसे मिल पाएंगे अपनों से जिसमें कई परिवारों ने यह भी बताया कि छोटे-छोटे बच्चे घर पर अकेले हैं कई किसानों ने बताया मौसम खराब होने की वजह से हमारी खेती-बाड़ी सब बेकार हो रही है हमको अपने घर जाकर खेतों में पड़ा अनाज उठाना है कई ऐसे लोग मिले जिन्होंने बताया हमारे बच्चों के ऑनलाइन एग्जाम शुरु हो गए हैं लेकिन हम यहां फंसे हैं कई बुजुर्गों ने बताया हम अपना इलाज कराने आए थे लेकिन जब लॉक डाउनलगा तब हम यही फंसे रह गए हैं लेकिन आप हमको अपने घर तक जाने के लिए अनुमति नहीं मिल पा रही है प्रतिदिन सुबह आते हैं और शाम को वापस घर चले जाते हैं कई लोग इतने थक गये की सड़क पर बैठ गये यही उम्मीद लेकर फिर आते फिर दूसरे दिन आते है कल हमको अनुमति मिल जाए















