
संपादक कॉर्बेट बुलेटिन मुस्तज़र फारूकीकालाढूंगी कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए देशभर में लॉकडाउन को अब दो हफ़्तों के लिए बढ़ाकर 17 मई तक लागू कर दिया गया है। जबसे लॉक डाउन लागू हुआ तबसे विवाह समारोह में यूपी से आये कुछ लोग लबे समय से फंस गए। इसको देखते होटल समेत अन्य खानपान की दुकानें बंद होने से कई लोगों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया। इसके बाद से ही वे घर जाने की अनुमति देने की मांग कर रहे है। इन लोगों की परेशानी को देखते हुए वार्ड सभासद पति मुस्तज़र फ़ारूक़ी ने बुधवार को एसडीएम विजय नाथ शुक्ल से मिलकर लॉक डाउन में यूपी के फसे लगभग 10 लोगो की जाने की गुहार लागतें हुए अनुमति मांगी लेकिन एसडीएम द्वारा बताया गया उनके पास सरकार का कोई ऐसा आदेश नही है जिससे उनको अनुमति दी जाए और साथ ही एसडीएम द्वारा बताया गया कि अनुमति तब दी जा सकती है। इन लोगो को जिस वाहन से छोड़ा जएगा उसको दुवारा उत्तराखंड में प्रवेश की अनुमति नही दी जा सकती । जिसके बाद एसडीएम द्वारा कोई अनुमति देना गवारा नही समझा।और भी कई ऐसे मामले जो सरकार की गाइडलाइन की शर्तों के साथ अनुमति दी जाने के जिला प्रशासन को आदेश जारी किया गया उसके बाद भी कालाढूंगी में किसी भी संबंधित अनुमति नही दी जा रही है। लोगो मे इस बात को लेकर सुबह बड़ी संख्या में लोग एसडीएम के समक्ष पहुंचे और सोशल डिस्टेंसिंग बनाकर
एसडीएम दफ्तर के आगे लोग लाइन में खड़े अपनी अर्जी लेकर बारी बारी एसडीएम से अनुमति लेने आए लेकिन बहुत लोगो को जब अनुमति नही मिली तो लोग को मायूस होकर लौटते दिखे।
कालाढुंगी नगर में 40 दिन से लॉकडाउन में फंसे 10 से 15 लोगों को घर जाने की अनुमति नही दी जा रही है।
जिन्हें लॉकडाउन की वजह से अपने रिश्तेदार के यहाँ रहना पड़ रहा है। लगातार यह लोग प्रशासन से घर जाने की अनुमति मांग रहे है, जिस पर एसडीएम द्वारा इन लोगो को अभी तक घर जाने की अनुमति नही दी गई है।











